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33 Comments

  1. विक्की
    September 3, 2018 @ 12:56 pm

    ??? आप गज़ब लिखते हो

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  2. Amit Wadhwani
    September 3, 2018 @ 6:52 pm

    आखरी में ट्विस्ट अच्छा था, पर यह कहानी की जगह एक सीन मात्र लगा थोड़ी बड़ी कहानी पोस्ट कीजिये आप की लेखन शैली अच्छी है बड़ी कहानी पढ़ने में मजा आएगा।

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 3, 2018 @ 7:02 pm

      कोशिश रहेगी कि और कहानियां आपके लिए प्रस्तुत कर सकूँ|

      Reply

  3. Rajdeep Singh Shishodia
    September 3, 2018 @ 7:41 pm

    थोड़ा और बढाइये । केवल एक दृश्य की झलक ही मिली। अच्छा लिखा।
    बधाई

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 6:30 am

      सर, यह कहानी यहीं तक सोची थी| अन्य कहानियों को विस्तृत रखने की कोशिश करूँगा|

      Reply

  4. धर्मेंद्र त्यागी
    September 3, 2018 @ 10:17 pm

    सुपर शानदार
    अंत मे डायरेक्टर वाला सीन कुछ अलग लगा बाकी मिस्ट्री बढ़िया क्रिएट की लग रहा था कि कहानी आगे बढ़ेगी

    Reply

  5. सुनीत शर्मा
    September 3, 2018 @ 10:25 pm

    बढ़िया लिखा है भाई। अंत ट्विस्टिंग था जो कि मुझे बेहद पसंद है लेकिन ट्विस्ट का पटाक्षेप थोड़ा जल्दी हो गया। बहरहाल इस शानदार कहानी के लिये मुबारकबाद टिका लो। ????

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 6:29 am

      टिका ली| कोशिश रहेगी कि भविष्य की कहानियों में इन कमियों को दूर रख सकूँ|

      Reply

  6. सहर
    September 3, 2018 @ 10:45 pm

    बहुत समय बाद तुम्हारा लिखा कुछ ‘हट के’ पढ़ने को मिला। बढ़िया।

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 6:28 am

      आशा है, आगे भी कोशिश जारी रहेगी|

      Reply

  7. Gopal Girdhani
    September 3, 2018 @ 11:30 pm

    बहुत खूब राजीव ! मज़ा आ गया। लिखते रहा करो।

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 6:28 am

      गोपाल सर, जी जरूर|

      Reply

  8. Arvind kr shukla
    September 4, 2018 @ 12:36 am

    जिस हिसाब से कहानी का शीर्षक थर्ड डिग्री है। थर्ड डिग्री का प्रकोप थोड़ा और वर्णित होना था।

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 6:27 am

      अरविन्द सर, आपके रिस्पांस के लिए धन्यवाद| मैं आपके सलाह से सहमत हूँ| लगता है, इस जगह चूक हो गयी|

      Reply

  9. आनंद
    September 4, 2018 @ 7:55 am

    आपने बहुत अच्छा लिखा, कहानी नयी और हटकर है।
    लेकिन मुझे इसके क्लाइमेक्स से ऐतराज है। जो क्लाइमेक्स की बजाय एंटी क्लाइमेक्स हो गया। आपने अपनी मेहनत से जो इमारत खड़ी की उसे आखिर में खुद ही बारूद से उड़ाया।
    इस अंत के साथ कहानी फिर क्राइम फिक्शन नहीं रहेगी।
    और अधिक कहानियों का इंतजार है।

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 8:00 am

      आनंद सर, कोशिश रहेगी की, भविष्य की कहानियों में ऐसी खामियों से दूरी बना कर रखूं।

      Reply

  10. sonu gujjar
    September 4, 2018 @ 8:48 am

    अच्छी लगी??
    आगे से थोड़ी लंबी कहानी लिखो ?

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 8:50 am

      जरूर। आगे से कुछ विस्तृत कंटेंट पढ़ने को मिलेगा, आपको।

      Reply

  11. Vikas Nainwal
    September 4, 2018 @ 9:24 am

    अच्छी लघु-कथा। आखिर में ट्विस्ट बढ़िया था।

    Reply

  12. Mohit
    September 4, 2018 @ 10:35 am

    Twist was awesome

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    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 11:01 am

      थैंक यू मोहित।

      Reply

  13. Tariq Ali Saifi
    September 4, 2018 @ 10:50 am

    शानदार लिखा राजीव भाई बढ़िया???

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 11:00 am

      शुक्रिया

      Reply

  14. Navneet
    September 4, 2018 @ 11:03 am

    राजीव जी कहानी बहुत अच्छी है, लेकिन खूनी का अंदाजा थोड़ा सा दिमाग लगाते ही हो जाता है ।। ?

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 11:07 am

      शुक्रिया। अगली कहानी में कोशिश रहेगी कि आपको दिमागी कसरत ज्यादा करवाया जाए।

      Reply

  15. Rammehar singh
    September 4, 2018 @ 11:07 am

    बहुत ही बेहतरीन प्रयास सर कहानी थोड़ी लम्बी होती तो ओर भी मजा आता ।

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    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 11:16 am

      राममेहर सर, अगली कहानी में इस बात की भरपूर कोशिश रहेगी।

      Reply

  16. Chandan Kumar chhawindra
    September 4, 2018 @ 12:47 pm

    बहुत बढिया शॉर्ट कहानी…..
    कहानी बहुत कसी हुई है , अौर अंत तो शानदार

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    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 12:58 pm

      शुक्रिया एवं आभार, चंदन जी। भविष्य आप यहां क्राइम फिक्शन से संबंधित कई कहानियों को पढ़ पाएंगे।

      Reply

  17. chandan kumar
    September 4, 2018 @ 12:49 pm

    शानदार कहानी…‌ जबरदस्त. अंत

    Reply

    • राजीव रोशन
      September 4, 2018 @ 12:51 pm

      शुक्रिया, चंदन जी।

      Reply

  18. Sameer
    September 6, 2018 @ 9:44 pm

    Is kahani mein sabse achhi baat ye hai ki isme “Samaapt” likha hua hai…

    Reply

  19. Shobhit Gupta
    September 8, 2018 @ 12:09 pm

    अच्छा लिखा है पर थोड़ा अधूरा सा लग रहा है कथानक..

    Reply

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